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केरल को ‘भगवान का अपना देश’ क्यों कहा जाता है

केरल को ‘भगवान का अपना देश’ क्यों कहा जाता है
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केरल को ‘भगवान का अपना देश’ क्यों कहा जाता है

| श्रेणी | मुख्य तथ्य | | ------------------------- | ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- | | आधिकारिक उपाधि | "गॉड्स ओन कंट्री" (God's Own Country) — केरल पर्यटन द्वारा 1989 से प्रचारित। | | स्थान | भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर, अरब सागर के किनारे स्थित। | | प्राकृतिक आकर्षण | घने वन, हिल स्टेशन (मुन्नार, वायनाड), बैकवॉटर्स (अल्लेप्पी, कुमारकोम), समुद्र तट (कोवलम, वर्कला), झरने, वन्यजीव अभयारण्य (पेरियार, एराविकुलम) | | बैकवॉटर्स | हाउसबोट क्रूज़ का अनोखा नेटवर्क, जो प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। | | समुद्र तट | कोवलम, वर्कला, बेकल, चेराई — सुनहरी रेत और जल क्रीड़ाओं के लिए प्रसिद्ध। | | सांस्कृतिक विशेषताएँ | कथकली, मोहिनीअट्टम (शास्त्रीय नृत्य), कलारीपयट्टु (मार्शल आर्ट), ओणम, त्रिशूर पूरम (त्योहार) | | साक्षरता एवं जीवनशैली | भारत की सबसे उच्च साक्षरता दरों में से एक; शांत और स्वच्छ वातावरण। | | आयुर्वेद | आयुर्वेद की जन्मस्थली, वेलनेस रिट्रीट और चिकित्सा पद्धतियों के लिए प्रसिद्ध। | | व्यंजन | प्रसिद्ध व्यंजन: अप्पम, पुट्टु, केरल सद्या, मालाबार परोट्टा, मछली करी |

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