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रेड-वॉटल्ड लैपविंग (टिटिहरी) को भारत में पारंपरिक रूप से मानसून का संकेत देने वाला पक्षी माना जाता है।

रेड-वॉटल्ड लैपविंग (टिटिहरी) को भारत में पारंपरिक रूप से मानसून का संकेत देने वाला पक्षी माना जाता है।
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रेड-वॉटल्ड लैपविंग (टिटिहरी) को भारत में पारंपरिक रूप से मानसून का संकेत देने वाला पक्षी माना जाता है।

| विषय | विवरण | | ------------------- | -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- | | विषयवस्तु | पारंपरिक मानसून पूर्वानुमान में लाल-गलफड़ा टिटिहरी (Red-Wattled Lapwing) की भूमिका | | प्रमुख प्रजाति | रेड-वॉटल्ड लैपविंग (Vanellus indicus), जिसे भारत में "टिटिहरी" के नाम से जाना जाता है। | | पारंपरिक प्रथा | किसान मानसून के पैटर्न का अनुमान लगाने के लिए इस पक्षी की घोंसला बनाने की आदतों का अवलोकन करते हैं। | | भौगोलिक क्षेत्र | भारत के राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र | | संकेतक | • ऊँचे स्थान पर बने घोंसले : भारी वर्षा का संकेत। <br>निचले स्थान पर बने घोंसले : कमजोर मानसून का संकेत। <br>अंडों की ऊर्ध्वाधर (Vertical) स्थिति : तेज वर्षा/मूसलाधार बारिश का संकेत। <br>अंडों की क्षैतिज (Horizontal) स्थिति : कम वर्षा का संकेत। <br>अंडों का समूह में होना (Egg Clustering) : नियमित एवं स्थिर मानसून का संकेत। |

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