आईआरडीएआई ने बीमा क्षेत्र में डार्क पैटर्न की निगरानी के लिए आईपीएआई के साथ साझेदारी की।
| मुख्य पहलू | विवरण | | -------------------------------- | ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ | | नियामक संस्था | भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) | | साझेदार संगठन | इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ऑडिटर्स ऑफ इंडिया (IPAI) | | उद्देश्य | बीमा क्षेत्र में डार्क पैटर्न (Dark Patterns) की पहचान एवं निगरानी करना, ताकि भ्रामक बिक्री (Mis-selling) पर रोक लगाई जा सके, पारदर्शिता बढ़ाई जा सके तथा उपभोक्ता संरक्षण को सुदृढ़ किया जा सके। | | पूर्व कार्रवाई (अप्रैल 2026) | आईआरडीएआई ने सभी बीमा कंपनियों को डार्क पैटर्न पर स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment) करने का निर्देश दिया था, हालांकि अधिकांश कंपनियों ने इनके उपयोग से इनकार किया। | | आगामी सुधार | जुलाई 2026 में एक परामर्श पत्र (Consultation Paper) जारी करने का प्रस्ताव, जिसमें बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता, भ्रामक बिक्री में कमी तथा उपभोक्ता संरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों को और सशक्त बनाने जैसे उपाय शामिल होंगे। |

