भारत: मसालों की धरती और विभिन्न राज्यों का योगदान
| श्रेणी | मुख्य विवरण | | ------------------------------------- | -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- | | भारत – मसालों की भूमि | भारत मसालों की खेती, व्यापार और सांस्कृतिक महत्त्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहाँ 70 से अधिक प्रकार के मसालों का उत्पादन होता है, जिससे भारत मसालों का प्रमुख उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है। मसालों का उपयोग खाद्य प्रसंस्करण, औषधि उद्योग तथा सौंदर्य प्रसाधन उद्योग में किया जाता है। | | तेलंगाना | हल्दी (Turmeric) – "स्वर्ण मसाला (Golden Spice)" के लिए प्रसिद्ध। | | केरल – भारत का मसाला उद्यान | काली मिर्च (Black Pepper) के लिए प्रसिद्ध, जिसे "मसालों का राजा (King of Spices)" कहा जाता है। | | जम्मू एवं कश्मीर – केसर का केंद्र | विश्व के सर्वोत्तम केसर (Saffron) का उत्पादन। पंपोर को "भारत का केसर नगर (Saffron Town of India)" कहा जाता है। | | राजस्थान एवं गुजरात | राजस्थान – शुष्क जलवायु के कारण जीरा (Cumin) उत्पादन के लिए प्रसिद्ध।<br>गुजरात – जीरा (Cumin) और सौंफ (Fennel) का प्रमुख उत्पादक। | | आंध्र प्रदेश | लाल मिर्च (Red Chilli) का प्रमुख उत्पादक। | | कर्नाटक | इलायची (Cardamom) के लिए प्रसिद्ध, जिसे "मसालों की रानी (Queen of Spices)" कहा जाता है। | | तमिलनाडु, मध्य प्रदेश एवं असम | तमिलनाडु – धनिया (Coriander) का प्रमुख उत्पादक।<br>मध्य प्रदेश – भारत का सबसे बड़ा लहसुन (Garlic) उत्पादक।<br>असम – उपजाऊ मिट्टी और पर्याप्त वर्षा के कारण उच्च गुणवत्ता वाले अदरक (Ginger) के लिए प्रसिद्ध। |

