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भारतीय वायु सेना ने अपने जगुआर बेड़े को बनाए रखने के लिए ब्रिटेन के सेवानिवृत्त जगुआर विमानों का अधिग्रहण किया।

भारतीय वायु सेना ने अपने जगुआर बेड़े को बनाए रखने के लिए ब्रिटेन के सेवानिवृत्त जगुआर विमानों का अधिग्रहण किया।
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भारतीय वायु सेना ने अपने जगुआर बेड़े को बनाए रखने के लिए ब्रिटेन के सेवानिवृत्त जगुआर विमानों का अधिग्रहण किया।

| मुख्य विषय | विवरण | | -------------------------- | ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- | | घटना | भारतीय वायु सेना (IAF) ने यूनाइटेड किंगडम (UK) से सेवानिवृत्त SEPECAT Jaguar विमानों का अधिग्रहण किया। | | उद्देश्य | मौजूदा जगुआर बेड़े के लिए स्पेयर पार्ट्स एवं पुनः उपयोग योग्य घटकों के स्रोत के रूप में इन विमानों का उपयोग करना। | | वर्तमान स्थिति | भारत वर्तमान में विश्व का एकमात्र देश है जो जगुआर विमानों का अग्रिम (Frontline) सेवा में संचालन कर रहा है। | | प्राप्त किए गए घटक | इंजन, एयरफ्रेम संरचनाएँ, एवियोनिक्स प्रणालियाँ, महत्वपूर्ण उप-असेंबली (Sub-Assemblies) तथा रखरखाव संबंधी स्पेयर पार्ट्स। | | जगुआर बेड़े की भूमिका | गहन प्रवेश (Deep Penetration) स्ट्राइक विमान, जिसका उपयोग जमीनी हमलों (Ground Attack), समुद्री हमलों (Maritime Strike) तथा सामरिक सहायता (Tactical Support) के लिए किया जाता है। | | प्रतिस्थापन प्लेटफॉर्म | स्वदेशी तेजस (Tejas) के विभिन्न संस्करण, भविष्य के MRFA लड़ाकू विमान, अतिरिक्त राफेल (Rafale) विमान तथा अन्य उन्नत रक्षा कार्यक्रम। |

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